November 18, 2018 0 comments

प्रेम की मूरत आपकी,
मैं हर पल देख देख कर खुश हो जाता हूँ...!
मैं इतना ही नहीं, 
हजारों बार दिल खोलकर...!
आपकी चालीसा गुनगुनाते हुए घर से पैदल आपकी एक झलक पाने, 
आपके चरणों मैं आ जाता हूँ...!
प्रेम की मूरत आपकी,
मैं हर पल देख देख कर खुश हो जाता हूँ...!
जय हो|

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