November 18, 2018 0 comments
जब भी मौका मिले ,
भैरव देव की भक्ती दिल खोलकर करना।

अपने तो अपने,
पराए भी तेरे हो जाएँगे।।

प्रेम की मूरत आपकी ,
मैं हर पल देख देख कर खुश हो जाता हूँ...!
कभी केसर से 
कभी कुमकुम से रंग के आपको,
मैं खुद आपकी भक्ती के रंग में रंग जाता हूँ...!

प्रेम की मूरत आपकी,
मैं हर पल देख देख कर खुश हो जाता हूँ...!
मैं इतना ही नहीं, 
हजारों बार दिल खोलकर...!
आपकी चालीसा गुनगुनाते हुए घर से पैदल आपकी एक झलक पाने, 
आपके चरणों मैं आ जाता हूँ...!
प्रेम की मूरत आपकी,
मैं हर पल देख देख कर खुश हो जाता हूँ...!
जय हो|

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